सुखी जिवन का रहस्य अगर आप ईस सबाल का जबाब चाहते है। तो आपको ईसे पढना चाहिये जिवन बहुत लम्बा होता अगर उसके सत्य को स्वीकार लीया जाए जिवन क्षन भर मे बित जाता है। ईस पोस्ट को पढ कर ईसका महत्ब समझ मे आ जायगा आपको पता चलेगा कि जिवन का अमुल्य ग्याण भी कभी कभी छोट से साघारण ईंसान से मिल जाता है। कभी कभी छोटे मुलाकात भी जिवन को बदल देता है। ग्याण होकर भी हमे कुछ पता नही चलता सुखी जिवन का रहस्य एक महान सांत हुआ करते थे जो स्वय का आक्षम बनना चाहते थे जिसके लिय वो कई लोगो से मुलाकात करते थे एक जगह से दुसरे जगह जाना पडता था ईसी यात्रा के दोरान एक कन्या बिदुषी से हुई विदूषी ने उनका स्वागत किया और संत से कुछ समय रूक कर आराम करने का आगरा किया संत उनके मिठे बोल बिचार से रूकने का निर्नय लिया विदुषि ने अपने हाथो का स्वादिस्ट भोजन कराया और उनके अराम करने का बेबस्ता किया खटियाँ पर दरी बिछाया और अपने जमिन पर चटाई बिछा कर शो गई विदुषी को सोते हि निंद आ गईऋ
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Maa Sharda Ki Kahani? माँ शारदा की कहानी
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Maa Sharda Ki Kahani? माँ शारदा की कहानी null पवित्र माँ शारदा कि कहानी माँ शारदा को हम बहुत सारे नाम से जाने जाते है जैसे मे काली दुर्गा अम्बे जगदम्वे माँ दयालु है शारदा माँ सब कि माँ है माँ कि कहानी अनोखी है माँ सब का दुख हर लेती है उधके साथ स्वय भगवान नरसिंग के साथ हनुमान और भैराब बहि दादा निल कंठ आसरम से दरवार कि छबी निहारती रहती है येसी घर्म कि नगरी मे माँ कि दरशन से सारे काम सिघ हो जाता है मैहर के घाम पर सारे ईंसान का मनुकामणा पुर्न होता है अंघे लंगडे माँ सब कि मनुकामना पुरा करती है पर जिससे माँ रूठ गई उसे पुरे दुनिया मे कोई नही बचा सकता ईस लिए माँ कि सेवा करो माँ सब पे किर्पा बनाये रखे माँ शारदा स्थित कहा है पवित्र माँ शारदा कि मंदिर मघ्य पर्देश के सतना जिले के मैहर मे स्थित है सतना जिला मुख्यालय से अनुमानित 39 किलो मिटर पर स्थित है मंदिर तिर्कुट पर्वत पर 600 फिट कि ऊचाँई पर स्थित है तिर्थस्थल पर पहुंचने के लिए 1001 सिढियो चहड के जाना पडता है वाँहा अच्छे खासे सुबिघा है Maa Sharda Ki Kahani और अलहा उदल माँ शारदा कि मंदिर मे एक अल्हा उदल नाम के एक पुजारी था...
किसान भाई हमारे अन्य दाता?farmer brother our other donor
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किसान भाई हमारे अन्य दाता उनके समस्या किसान भाई हमारे देश का एक अंक है कहे तो हमारे देश का भगवान अन्य दाता अज कल सुबह साम new देखे तो सिर्फ किसान भाई के उपर newआती रहती है क्यो क्यो कि हमारे मुल्क के भीतर राजनीतिक अधिक होता है देश का सरकार जानता है कि जब किसान का अनाज कि दाम बढ़ा देने पर वही किसान हम से मूकाबला करेगा सरकार ईसपे राजनीतिक करता है लेकिन सरकार ऐ नहीं जानता कि किसान भाई अगर आपना अनाज देना बंद कर दे तो सरकार को बाहर से अनाज लेने मे हालत गंभीर हो जाएगा Our farmer brothers work so hard that no one can match wool, our best farmer s किसान का जीवन कष्टों से भरा है कैसे हमारे किसानभाई की भी मजबुरी है कि वो अपना अनाज नही बेचते है तो वो खाएगा क्या ईसी बात का मजबुरी ऊठाता हैं सरकार देश का सरकार जानता है वो किसान भाई कहा जाएगे जिनका घर ऊसी से रोज चलता है आज हमारे देश के किसान दिल्ली में ईतना जाम किए अपना जान जिव लगा कर भीर भी ऊनकी समस्या सरकार सोल्फ नहीं किए किसान के जिंदगी में किस प्रकार की समस्या है आज हमारे देश में ज्यादातर किसान गरीब है क्यो कि ...
एक गांव में दो भाई रहते थे ?two brothers lived in a village
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कहानी एक गाँव कि? ये कहानी है रामपुर कि ईस गाँव में दो भाई रहते थे बडा भाई का नाम सिबलाल था और दुसरे छोटे भाई का नाम तपेशर था अपने दोनों भाई हशी खुशी से अपने गाँव में रहते थे two brothers lived in a village दोनों भाई किसान थे अपना खेती कर के कच्छे खाशे अनाज उगाने थे हशी खुशी अपने परीबार के साथ रहते थे आपने सुना होगा हर गाँव मे बगलगीर जरूर होते हैं इनका भी ऐसा ही था उनके बगलगीर उन दोनो भाइयों के खुशी से जलते थे तपेशर के घर के बगल में एक बगल गीर था जिसका नाम कुटना लाल था वो घर फोडने मे ऐक्टर और तपेशर सबसे ज्यादा कुटना लाल के साथ हि रहता था एक दिन ऐसा हुआ कि कुटना लाल और तपेशर दोनों शराब पीने गए पिते पिते कुटना लाल ने तपेशर को घर फोडने का गुण मंत्र सिखा दिए उस दिन से तपेशर ने उसी बात को लेकर सोचता था एक दिन ऐसा हुआ कि बडे भाई सिबलाल ने बोला तपेशर से तुम जाकर खेत पटा देना तपेशर ने बडे भाई से गुसे मे बोला तुम्हारा नौकर हु क्या सिबलाल ने बोला येसा क्या कह दिया मैने जो तुम मुझसे ऐसे बोल रहा है। इतना कह कर चले गए दूसरे दिन भी वैसा ही था कुछ दिन बित गय ...
कहानी एक गाँव कि?
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एक राजा था जिसका नाम अखज गुप था जो कि भारत राजा अखज गुप देश के बिहार राज के गया जिला के सलेपुर गाँव के रहने बाले थे उस राजा के पास घन दौलत सोना चांदी 500 ऐकड जमीन नौकर चाकर बहुत सारे थे और उस राजा के पास दो बैल थे उस बैल का नाम हिरा और मोती था उन दोनो बैलो को राजा बहुत मानता था एक दिन ऐसा हुआ कि राजा के नौकर ने हिरा और मोती को हल जोतने लेकर गया उस राजा का एक नियम था कि नौकर काम करते रहते थे उसी के साथ राजा भी काम करने लगता था राजा कभी भी बिना मेहन्त के खाता नहीं था तो काम करने लंगे काम करते करते साम हो गया राजा घर आया राजा के लिए खाना राजा खा कर सो गया दुसरे दिन सुबह हुई भिर सब अपन अपने काम पर चले गए राजा भी खेत पर काम करने गया था राजा के लिए खाना खेत पर ही गया जो नौकर थे उनके लिए अलग खाना गया जब राजा खाना एक करे खा रहा थे तो दुसरे तरफ नौकर खा रहे थे तो राजा के लिए अलग पकबान थे और नौकर के लिए अलग राजा खा रहा था नौकर जो थे वे राजा का मुह ताकने लगे राजा कहा क्या ताकते हो लो तुमलोग भी ईस मे से थोडा थोडा खा लो मै तो जान रहबे क...
राजा रानी कि एक ही कहानी भाग 2?
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राजा रानी कि एक ही कहानी भाग 2? तब उन्होने सोचा कि मुझे अपने घर मे क्यो नहीं जाने दिया जा रहा तब बिर प्रताप ने अपने भाई को संदेश भेजा तब जाकर अपने भाई को बिर प्रताप को सुर्य नरायण घर मे लेकर गया तब जाकर अपने घर में रहने लगा कुछ महिने बित गया बिर प्रताप अपने घर मे रहते लगे अपने गाँव में कुछ दिन बित गए तब उन्होने सोचा कि क्यो न हम किसी से दोस्ती करे तब उन्होने कुछ दोस्त बनाए बहुत खुश रहने लगे अपने दोस्त के साथ घर आते जाते रहते थे सूर्यनरायण कि पत्नी को बिर प्रताप को देख कर जलन होती थी एक दिन येसा हुआ कि बिर प्रताप अपने दोस्तों के साथ अपने घर में पाटी मना रहा था तब अनकी भाभी जान यानी सूर्यनरायण कि पत्नी सोभा देख लि तब उसने अपने पति को बोला कि बस बहुत हुआ अब मै नहीं सह सकता सुर्य नरायण ने पूछा क्या हुआ सोभा अपने पती से बोला सुर्य नरायण ने कहा बस इतनी सी बात पत्नी गुस्से से लाल हो गई पत्नी ने बीला आपका ये फैसला करना होगा कि इस घर मे अपने भाई को रखोगे या मुझे सुर्य नरायण को ये सुन कर सोच ने पडगया कुछ दिन बित गय पत्नी सुर्य नरायण से गुसा रहती थी तो सुर्य नरायण एक दिन पूछा मै क्या क...
राजा रानी एक ही कहानी भाग १?
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राजा रानी एक ही कहानी भाग १? एक गांव मे एक राजा था जिसका नाम सर्फानरायण था और उसके पत्नी का नाम कल्या थी जिसके दो बेटे थे एक का नाम सुर्यनरायण और दूसरे का नाम बिर प्रताप था उस राजा के पास 500 नौकर काम करते थे उस राजा के पास धन दौलत कि कमी नही था जब राजा सर्फानरायण घोड़ा पे बइठ कर गाँव में घूमने निकला करते थे सारे गांव एव नगर बासी सलाम करते थे सब कुछ सही बित रहा था तब हि एक बहुत बड़े राजा सुर्य प्रताप को पता चला की सर्फानरायण के दो बेटे है सुर्य प्रताप के घर भी दो बेटियाँ थी दुसरे दिन सुर्य प्रताप अपने घर से निकला रिसते के लिए जब सुर्य प्रताप देखने गये तो देख लिए सादी का Date रखा गया कुछ दिन बाद सादी हो गई कुछ साल बित गए तब राजा सर्फानरायण ने सोचा कि क्यो न हम अपने दुसरे बेटे बिर प्रताप को उनकी बेटी सोभा से सादी करबा दे उनकी भी सादी हो गई कुछ साल बित गए तब राजा और रानी दोनों पक्ष बुडे हो गए राजा और रानी घूमने निकले और घूम कर आए तब सुर्य नरायण कि पत्नी बोली स्वामी घोड़े पर घुमना है सुर्यनरायण ने बोला युवराज रथ पर कोई नहीं घुम सकता पत्न...